आया बम का मौसम आया
अभी सब लोग तैयारी कर लो…हिन्दू आत्मघाती बमों का मौसम आने वाला है/ महामहिम लोगों के दिमाग का एक और फ़ितूर/ राजनेताओं का काम ही शिगूफ़े उछालना है/ मुझ पर भी इस शिगूफ़े का भी असर इतना तो हुआ ही कि मेरा ब्लोग जो इतने दिन से बन्द पड़ा था आज इतनी व्यस्तताओं के बावजूद खुल गया/ बिना किसी वामपन्थी नुमा सेकुलर क्रेडेन्शियल्स के मोह पाश में फ़ंसे भी, यह बिल्कुल आसानी से बताया जा सकता है कि इस बयान का उद्देश्य क्या था? हालाँकि लोगों ने इस बयान की भर्त्सना की है और इस बालोचित विश्वास के चलते कि भर्त्सना के उपरान्त सब ठीक ठाक हो जाता है कानून का राज कायम हो जाता है महाराष्ट्र सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की/ वैसे वर्तमान महाराष्ट्र सरकार कार्यवाही करने के लिये नहीं बल्कि न करने के लिये ज़्यादा प्रसिद्ध रही है/ बहरहाल कुल जमा ये कि अब हिन्दू आत्मघाती दस्ते बनाये जाने हैं जिनका काम बांग्लादेशी घुसपैठियों की अवैध बस्तियों में फ़टना होगा/ बान्ग्लादेशी बस्तियों से याद आया एक मुख्यमन्त्री ठीक केन्द्र की नाक के नीचे बैठ के यह बयान दे चुकी हैं कि हिन्दुस्तान मे तो अतिथि सत्कार की परम्परा है और बांग्लादेशी इस नाते हमारे अतिथि हुए/ यह एक अलग चरम मूर्खता है/ हालांकि यह विश्वास कर पाना अत्यन्त दुष्कर प्रतीत होता है कि राजनीति के ऊंचे स्थानों को स्पर्श कर अरहे ये सत्ताधिष्ठान क्या वास्तव में इतने मूर्ख हैं? बचपन में मैं एक चुट्कुला सुनता था कि “मूर्ख बनने का ढोंग करते रहो ताकि दुनियां तुम्हें मूर्ख समझे मगर वास्तव में तो तुम मूर्ख हो नहीं इसलिये बेवकूफ़ कौन बना? दुनिया!” शायद इन्हीं रेखासूत्रों पर ये लोग चलते रह्ते हैं/ आश्चर्य नही कि ऐसे बयानों के समर्थक भी मिल जायें/ कबिरा इस सन्सार में भांति भांति के लोग…. बाकी यह बात समझने वाली होगी कि ये भांति भांति के लोग हमारी राजनीति में ही क्यूं भरे पड़े हैं/ बहरहाल एक सवाल पूछने की ज़ुर्रत करना चाहता हूं क्या बालासाह्ब अपने पुत्र-पौत्रों को इस धर्मयुद्ध में भेजेंगे या सिर्फ़ प्यादों को ही पिटवाया जायेगा? क्या उद्धव ठाकरे साब अपने शरीर पर बम बांध के “देशद्रोहियों” की मांद में घुसेंगे या “चढ़ जा बेटा सूली पर, भली करेंगे राम” रहेगा?
नितिन बागला said,
June 22, 2008 at 5:39 pm
बहुत दिन बाद नज़र आये बन्धु। लिखते रहा करो।
खडी पाई की जगह ’/’ का प्रयोग क्यों कर रहे हो? खडी पाई लगाने के लिये ‘Shift’ + ‘\’ का इस्तेमाल करो। अथवा सिर्फ . (Dot) से भी काम चला सकते हो।
Bhaskar said,
June 23, 2008 at 5:00 am
Shukriya Nitin dear…aapka hi ukasate, bhadkate rahne ka parinam hai ki likh raha hu varna ekdum band ho gaya tha.